सुब्रमण्यम स्वामी ने मोदी सरकार की करतारपुर गलियारा बनाने की पहल पर उठाया सवाल

केंद्र की मोदी सरकार की पहल पर सोमवार को उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू और पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने करतारपुर साहिब गलियारे की नींव रखी. लेकिन बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी मे सरकार की इस पहल पर सवाल खड़े कर दिए हैं. स्वामी का मानना है कि करतारपुर गलियारा एक खतरनाक कदम है जिसका पाकिस्तान द्वारा गलत इस्तेमाल किया जा सकता है.

बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा, 'करतारपुर गलियारा एक खतरनाक कदम है, जिसका गलत इस्तेमाल हो सकता है, क्योंकि वहां चेकिंग की सही व्यवस्था नहीं, महज पासपोर्ट दिखाना काफी नहीं है. उन्होंने कहा कि किसी को भी 250 रुपये में चांदनी चौक से पासपोर्ट मिल सकता है. स्वामी ने सलाह दी कि लोगों को 6 महीने पहले अपना रजिस्ट्रेशन कराना चाहिए और हमें पाकिस्तान के लोगों यहां आने की इजाजत नहीं देनी चाहिए.'

गौरतलब है कि सोमवार को उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने डेरा बाबा नानक-करतारपुर साहिब सड़क गलियारे की आधारशिला रखी. यह सड़क गुरदासपुर जिले के मान गांव से पाकिस्तान से लगने वाली अंतरराष्ट्रीय सीमा तक जाएगी. इस मौके पर केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री हरसिमरत कौर बादल, पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह मौजूद रहे.

इस मौके पर कैप्टन अमरिंदर ने कहा कि बतौर सिख वे पाकिस्तान में होने वाले कार्यक्रम में जाना चाहता था. लेकिन पाकिस्तान लगातार हमारे जवानों-लोगों को मार रहा है, कुछ दिन पहले ही अमृतसर के एक गांव में ग्रेनेड फेंका गया. ऐसे में किस तरह पाकिस्तान चला जाऊं.

यह भी पढ़ें: करतारपुर कॉरिडोर के शिलान्यास का मंच बना सियासी अखाड़ा, हरसिमरत पर बरसे अमरिंदर

दरअसल, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान 28 नवंबर को अपने क्षेत्र में इस कॉरिडोर की नींव रखेंगे. इस मौके पर पाकिस्तान की ओर से विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, कैप्टन अमरिंदर और पंजाब सरकार में मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू को न्योता दिया गया है. लेकिन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह अलग-अलग कारण बताते हुए पाकिस्तान के इस न्योते को ठुकरा दिया. हालांकि, भारत सरकार की ओर से हरसिमरत कौर पाकिस्तान जाएंगी. वहीं सिद्धू ने इस कार्यक्रम के लिए पाकिस्तान का निमंत्रण सहर्ष स्वीकार कर लिया और जाने के लिए हामी भरी है.

भारत सरकार ने 2019 में गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में करतारपुर सड़क गलियारे के निर्माण के लिए 22 नवंबर, 2018 को फैसला किया. इस सड़क का निर्माण भारत-पाकिस्तान सीमा तक एकीकृत विकास परियोजना के रूप में किया जाएगा. इस गलियारे के निर्माण से सिख श्रद्धालु पाकिस्तान में रावी नदी के तट पर स्थित गुरुद्वारा दरबार साहिब में मत्था टेक सकेंगे.

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